जो बोलौ तो साच कहौं, नातर बोलौ नाहि।
काहू कौ निदौ नही, वसि वृन्दावन माहि॥
- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (23)
यदि बोलूँगा तो केवल सत्य ही बोलूँगा, नहीं तो मौन रहूँगा, और किसी की भी कभी निंदा नहीं करूँगा। इस दृढ़ संकल्प के साथ, मैं सदैव वृंदावन में वास करने का व्रत लेता हूँ।
काहू कौ निदौ नही, वसि वृन्दावन माहि॥
- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (23)
यदि बोलूँगा तो केवल सत्य ही बोलूँगा, नहीं तो मौन रहूँगा, और किसी की भी कभी निंदा नहीं करूँगा। इस दृढ़ संकल्प के साथ, मैं सदैव वृंदावन में वास करने का व्रत लेता हूँ।

