भुवन चतुर्दस की सबै, सुंदरता सिरमौर।
सुंदर वर जोरी बनी, वृन्दावन निज ठौर॥
- श्री भट्ट देवाचार्य, युगल शतक (58)
श्री वृंदावन निजधाम में नित्य विहार परायण इस सुंदर जोड़ी के समक्ष चौदह भुवन का सौंदर्य भी गौण कोटि का लगता है।
सुंदर वर जोरी बनी, वृन्दावन निज ठौर॥
- श्री भट्ट देवाचार्य, युगल शतक (58)
श्री वृंदावन निजधाम में नित्य विहार परायण इस सुंदर जोड़ी के समक्ष चौदह भुवन का सौंदर्य भी गौण कोटि का लगता है।

