श्री स्वामी हरिदास भजि, सब सारनि कौ सार ।
ललित मोहिनी कृपा सौं, पायौ नित्त बिहार ॥
- श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (7)
स्वामी श्री हरिदास जी का भजन करो जो समस्त सारों का सार है । श्री ठाकुर दास जी कहते हैं कि श्री ललित मोहिनी देव जी की कृपा से नित्य विहार के इस अमूल्य रस को प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है।
ललित मोहिनी कृपा सौं, पायौ नित्त बिहार ॥
- श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (7)
स्वामी श्री हरिदास जी का भजन करो जो समस्त सारों का सार है । श्री ठाकुर दास जी कहते हैं कि श्री ललित मोहिनी देव जी की कृपा से नित्य विहार के इस अमूल्य रस को प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है।

