सबसे न्यारी रीति ये, जाको ओर न छोर। 'जन छौना' निज भाव रत, निरखे जुगल किशोर॥ - श्री गुरु छौनाजी महाराज सबसे अनोखी रीति, जिसका कोई आदि-अंत नहीं, वह यही है कि अपने भाव के अनुसार श्री श्यामा-श्याम को प्रेम से लाड़ लड़ाओ।