बस वृन्दावन धाम में जो चाहे विश्राम - श्री ललित लड़ैती, श्री किशोरी कृपा कटाक्ष, माधुर्य रस दोहावली (8)

बस वृन्दावन धाम में जो चाहे विश्राम - श्री ललित लड़ैती, श्री किशोरी कृपा कटाक्ष, माधुर्य रस दोहावली (8)

बस वृन्दावन धाम में, जो चाहे विश्राम।
कालिंदी जल पान कर, रट मुख राधाश्याम॥

- श्री ललित लड़ैती, श्री किशोरी कृपा कटाक्ष, माधुर्य रस दोहावली (8)

जो जीव विश्राम चाहता है, वह वृंदावन धाम में निवास करे। कालिंदी (यमुना) के जल का पान करे और राधा-श्याम का नाम रटे ।