राधा साध्यं साधनं यस्य राधा
मन्त्रो राधा मन्त्रदात्री च राधा।
सर्वं राधा जीवनं यस्य राधा
राधा राधा वाचि किं तस्य शेषम्॥
- श्री वागीश शास्त्री जी, श्री राधा नाम सुधा (20)
जिस जीव का राधा ही साध्य है और राधा ही साधन है। मंत्र भी राधा है और मंत्र देने वाली गुरुरूपा भी राधा है। राधा ही जिसका सर्वस्व है और राधा ही जिसका जीवन है। वाणी में भी जिसके राधा नाम है, ऐसे परम भाग्यशाली जीव के लिए कोई भी पुरुषार्थ शेष नहीं रहता ।
मन्त्रो राधा मन्त्रदात्री च राधा।
सर्वं राधा जीवनं यस्य राधा
राधा राधा वाचि किं तस्य शेषम्॥
- श्री वागीश शास्त्री जी, श्री राधा नाम सुधा (20)
जिस जीव का राधा ही साध्य है और राधा ही साधन है। मंत्र भी राधा है और मंत्र देने वाली गुरुरूपा भी राधा है। राधा ही जिसका सर्वस्व है और राधा ही जिसका जीवन है। वाणी में भी जिसके राधा नाम है, ऐसे परम भाग्यशाली जीव के लिए कोई भी पुरुषार्थ शेष नहीं रहता ।

