श्री वृंदावन बानिक बन्यो कुंज कुंज अली केली - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (72)

श्री वृंदावन बानिक बन्यो कुंज कुंज अली केली - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (72)

श्री वृंदावन बानिक बन्यो, कुंज कुंज अली केली।
अरुझी श्याम तमाल सों, मानो कंचन वेली॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (72)

श्री धाम वृंदावन की शोभा देखते ही बनती है, जहाँ प्रत्येक कुंज में दिव्य दंपति श्री राधा-कृष्ण की केली लीलाओं का माधुर्य छलक रहा है। श्री राधा-कृष्ण ऐसे प्रतीत होते हैं, मानो श्याम तमाल वृक्ष से कंचन बेली लिपटी हुई हो।