मथुरायां प्रकुर्वंति पुरीसाधारणीदृशम् ।
ये नरास्तेऽपि विज्ञेयाः पापराशिभिरन्विताः ॥
- स्कंद पुराण, मथुरा माहात्म्यम् (2.5.17.28)
जो परम पावन नगरी मथुरा (एवं ब्रज) को साधारण स्थान मानते हैं, उन्हें पापों के भारी बोझ से दबा हुआ समझना चाहिए।
ये नरास्तेऽपि विज्ञेयाः पापराशिभिरन्विताः ॥
- स्कंद पुराण, मथुरा माहात्म्यम् (2.5.17.28)
जो परम पावन नगरी मथुरा (एवं ब्रज) को साधारण स्थान मानते हैं, उन्हें पापों के भारी बोझ से दबा हुआ समझना चाहिए।

