व्यास पराई कामिनी, कारी नागिन जानि ।
छूवत ही मर जावेगो, गरुण मंत्र यह मानि ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (105)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि पराई स्त्री को काली नागिन के समान मानना चाहिए। यदि किसी ने कामुक दृष्टि से उन्हें भोगने की कामना की, तो सम्पूर्ण जीवन के सर्वनाश का कारण बनता है। इससे बचने का केवल एक ही गरुड़ मंत्र (साँप का विष उतारने का मंत्र) है कि उनसे सदैव दूरी बनाए रखो।
छूवत ही मर जावेगो, गरुण मंत्र यह मानि ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (105)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि पराई स्त्री को काली नागिन के समान मानना चाहिए। यदि किसी ने कामुक दृष्टि से उन्हें भोगने की कामना की, तो सम्पूर्ण जीवन के सर्वनाश का कारण बनता है। इससे बचने का केवल एक ही गरुड़ मंत्र (साँप का विष उतारने का मंत्र) है कि उनसे सदैव दूरी बनाए रखो।

