चेत हेत कर युगल सों, सोवत कहा गँवार ।
ऐसो उत्तम दाव फिर, मिले न बारंबार॥
- श्री सरस माधुरी
अरे मूर्ख! अपना अनमोल समय सोने में व्यर्थ क्यों कर रहा है? जाग, और युगल सरकार (श्री राधा-कृष्ण) के प्रति प्रेम विकसित कर। ऐसा उत्तम अवसर बार-बार नहीं आता।
ऐसो उत्तम दाव फिर, मिले न बारंबार॥
- श्री सरस माधुरी
अरे मूर्ख! अपना अनमोल समय सोने में व्यर्थ क्यों कर रहा है? जाग, और युगल सरकार (श्री राधा-कृष्ण) के प्रति प्रेम विकसित कर। ऐसा उत्तम अवसर बार-बार नहीं आता।

