जब परशे प्यारीचरण, परम प्रीति नन्दनंद ।
छुट्यो मान हर्षों प्रिया, मिट्यो विरह दुखद्वंद ॥
- श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास
जब श्रीकृष्ण ने परम प्रीतिपूर्वक श्री राधा के चरणों का स्पर्श किया, तो उनका मान समाप्त हो गया, और वे प्रसन्नचित्त हो गईं जिससे दोनों के विरह-संताप का शमन हो गया ।
छुट्यो मान हर्षों प्रिया, मिट्यो विरह दुखद्वंद ॥
- श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास
जब श्रीकृष्ण ने परम प्रीतिपूर्वक श्री राधा के चरणों का स्पर्श किया, तो उनका मान समाप्त हो गया, और वे प्रसन्नचित्त हो गईं जिससे दोनों के विरह-संताप का शमन हो गया ।

