अन्न धन भंडार भर दे - श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (12)

अन्न धन भंडार भर दे - श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (12)

अन्न धन भंडार भर दे सोने को ठाउँ।
श्री वृन्दावन छांड़ि कै अनत न कित हूँ जाउँ॥

- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (12)

चाहे मुझे अन्यत्र स्थान में अन्न, धन आदि के भंडार अथवा सोने के महल ही क्यों न दिए जायें, परंतु मैं श्री वृंदावन को त्याग कर कभी कहीं नहीं जाऊंगा।