(राग कालंगड़ा)
रसना राधे राधे बोल री।
सकल शास्त्र को सार तत्व है, नीको नाम अमोल री॥ [1]
राधा रटत कटत सब बाधा, महिमा महा अतोल री।
सरसमाधुरी स्वाद अमी सम, पीवो निशिदिन घोल री॥ [2]
- श्री सरस माधुरी
अरी रसना “राधे राधे” बोल, जो समस्त शास्त्रों का सार, परम मधुर एवं अनमोल नाम है। [1]
“राधा” रटने से समस्त बाधायें स्वतः समाप्त हो जाती हैं, इसकी महिमा असीम और अपार है। श्री सरस माधुरी कहते हैं, “यह नाम अमृत के समान मधुर है जिसका भक्ति-भाव से दिन-रात पान करो।” [2]
रसना राधे राधे बोल री।
सकल शास्त्र को सार तत्व है, नीको नाम अमोल री॥ [1]
राधा रटत कटत सब बाधा, महिमा महा अतोल री।
सरसमाधुरी स्वाद अमी सम, पीवो निशिदिन घोल री॥ [2]
- श्री सरस माधुरी
अरी रसना “राधे राधे” बोल, जो समस्त शास्त्रों का सार, परम मधुर एवं अनमोल नाम है। [1]
“राधा” रटने से समस्त बाधायें स्वतः समाप्त हो जाती हैं, इसकी महिमा असीम और अपार है। श्री सरस माधुरी कहते हैं, “यह नाम अमृत के समान मधुर है जिसका भक्ति-भाव से दिन-रात पान करो।” [2]

