श्रीवृन्दावन-चन्द्र छवि श्रीराधा वर नाम - श्री प्रेमदास जी (लाल बलबीर जी के भ्राता), श्री प्रेम दास जी की वाणी (86.2)

श्रीवृन्दावन-चन्द्र छवि श्रीराधा वर नाम - श्री प्रेमदास जी (लाल बलबीर जी के भ्राता), श्री प्रेम दास जी की वाणी (86.2)

श्रीवृन्दावन-चन्द्र छवि, श्रीराधा वर नाम।
गाजै राजै कवि हियैं, विमल चारु कर धाम॥

- श्री प्रेमदास जी (लाल बलबीर जी के भ्राता), श्री प्रेम दास जी की वाणी (86.2)

श्री वृंदावन की मनमोहक छवि और सर्वश्रेष्ठ "श्री राधा" नाम सदा रसिकों के हृदय में गूंजता हुआ विराजमान रहता है जो परम पावनता और सुंदरता का सार स्वरूप है।