वाँह-विहारी की गहों, बसों विहारी धाम।
दरस विहारी के करों, रटों विहारी नाम॥
- ब्रज के दोहे
श्री बाँके बिहारी लाल जी की बाँह को पकड़ो, श्री बाँके बिहारीजी के धाम श्री वृंदावन में बसो, श्री बाँके बिहारी जी के दर्शन करो एवं श्री बिहारी जी के नाम का रटन करो।

