कोटि पाप छिन में टरे लेहि वृंदावन नाम - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (74)

कोटि पाप छिन में टरे लेहि वृंदावन नाम - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (74)

कोटि पाप छिन में टरे, लेहि वृंदावन नाम।
तीन लोक पर गाजिये, सुखनिधि गोकुल ग्राम॥

- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (74)

कोटि-कोटि पाप क्षणभर में मिट जाते हैं, जब कोई वृंदावन नाम का उच्चारण करता है। सुख की निधि “गोकुल गांव” का यश तीनों लोकों में गूंजता है।