सोइ नेह नदलाल में प्रकटि न पावें जान- श्री दयाराम जी

सोइ नेह नदलाल में प्रकटि न पावें जान- श्री दयाराम जी

सोइ नेह नदलाल में, प्रकटि न पावें जान।
जस असि सूराचित्र कों, एंच्यो होइ न म्यान॥

- श्री दयाराम जी

जिस प्रकार तलवार तानकर खड़े शूरवीर के चित्र में तलवार सदैव तनी ही रहती है और म्यान में वापस नहीं जाती, उसी प्रकार का प्रेम नंदलाल के प्रति होना चाहिए कि एक बार प्रकट होने पर पुनः कम न होने पावे।