कुंज बिहारी पद कमल, विनवों दोऊकर जोर ।
चेरौ चरनन राखियो, मानहु मोर निहोर ॥
- ब्रज के दोहे
श्री कुंज बिहारी के चरण कमलों में दोनों हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन करता हूँ कि कृपा कर मुझे सदा अपने चरणों का दास बनाए रखें। मेरी इस मनोकामना को पूर्ण कर अपना अनुग्रह प्रदान करें।
चेरौ चरनन राखियो, मानहु मोर निहोर ॥
- ब्रज के दोहे
श्री कुंज बिहारी के चरण कमलों में दोनों हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन करता हूँ कि कृपा कर मुझे सदा अपने चरणों का दास बनाए रखें। मेरी इस मनोकामना को पूर्ण कर अपना अनुग्रह प्रदान करें।

