बंशीअलि हरिदास जी, हित हरिबंश समेत - श्री संकेत अली, संकेत लता (5)

बंशीअलि हरिदास जी, हित हरिबंश समेत - श्री संकेत अली, संकेत लता (5)

बंशीअलि हरिदास जी, हित हरिबंश समेत ।
वंदि चरण रज धारी शिर, प्रणत अलीसंकेत ॥

- श्री संकेत अली, संकेत लता (5)

मैं श्री वंशी अलि जी समेत स्वामी श्री हरिदासजी और श्री हित हरिवंशजी के चरणों में विनम्रतापूर्वक प्रणाम कर, उनके चरणों की पावन रज को अपने मस्तक पर धारण करता हूँ तथा उनकी कृपा की याचना करता हूँ।