श्री वनराज विलासिनी मृदुहासिनी सुख पुंज - ब्रज के दोहे

श्री वनराज विलासिनी मृदुहासिनी सुख पुंज - ब्रज के दोहे

श्री वनराज विलासिनी, मृदुहासिनी सुख पुंज ।
श्री कृष्णवल्लभा राधिके, जय जय सेवाकुंज ॥

- ब्रज के दोहे

श्री धाम वृंदावन की कुंज लताओं में रमण करने वाली, मंद-मंद मुस्कान से चित्त को मोहने वाली, स्वयं आनंद और माधुर्य की निधि श्री राधिके! आपकी जय हो! हे श्रीकृष्ण वल्लभे! सेवाकुंज धाम, जहाँ आपकी अति मधुर लीलाएँ साकार होती हैं, उसकी भी जय हो!