अवधि प्रेम की लाड़िली अवधि प्रेम की लाल- श्री ललितकिशोरी देव जू की वाणी, विशिष्ट पद एवं साखी (725)

अवधि प्रेम की लाड़िली अवधि प्रेम की लाल- श्री ललितकिशोरी देव जू की वाणी, विशिष्ट पद एवं साखी (725)

अवधि प्रेम की लाड़िली, अवधि प्रेम की लाल।
अवधि प्रेम की ललित जू, छिन छिन करत निहाल॥

- श्री ललितकिशोरी देव, श्री ललितकिशोरी देव जू की वाणी, विशिष्ट पद एवं साखी (725)

श्री लाड़िली जी (श्री राधा) प्रेम की पराकाष्ठा हैं, श्री लाल जी (श्री कृष्ण) भी प्रेम की पराकाष्ठा हैं, एवं श्री ललिता जू भी प्रेम की पराकाष्ठा हैं, जो प्रत्येक क्षण रस बरसाकर निहाल करती रहती हैं।