हरि हीरा गुरु जौहरी, व्यासहि दियो बताइ।
तन मन आनंद सुख मिलै, नाम लेत दुख जाइ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (23)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि हरि दिव्य हीरे के समान हैं, और गुरु उस हीरे को तराशने वाले कुशल जौहरी के समान हैं। भगवन्नाम लेने से तन और मन दोनों में परमानंद की अनुभूति होती है।
तन मन आनंद सुख मिलै, नाम लेत दुख जाइ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (23)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि हरि दिव्य हीरे के समान हैं, और गुरु उस हीरे को तराशने वाले कुशल जौहरी के समान हैं। भगवन्नाम लेने से तन और मन दोनों में परमानंद की अनुभूति होती है।

