गुण मन्दिर सुंदर युगल मंगल मोदनिधान - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (184)

गुण मन्दिर सुंदर युगल मंगल मोदनिधान - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (184)

गुण मन्दिर सुंदर युगल, मंगल मोदनिधान।
नारायण निज चरण रति, यह दीजैं वरदान॥ 
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (184)

युगल सरकार (श्री राधा-कृष्ण) समस्त गुणों के मंदिर हैं और मंगल तथा आनंद के मूल स्रोत हैं। श्री नारायण स्वामी प्रार्थना करते हैं, "हे परम कृपालु युगल वर! कृपा कर मुझे अपने चरण कमलों में प्रेम रूपी अमूल्य वरदान प्रदान करें।"