उर बिच गोकुल नयन जल, मुख श्री वल्लभ नाम।
अस तादृशी के संग तें, होत सकल सिध काम॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (54)
जो अपने हृदय में गोकुल बसाए रखते हैं, जिनकी आँखों में भक्ति के आँसू छलकते हैं, और जिनके मुख पर सदा श्री वल्लभ (श्रीकृष्ण) नाम रहता है, ऐसे भक्त की समस्त मनोकामनाएं सहज ही पूर्ण हो जाती हैं।
अस तादृशी के संग तें, होत सकल सिध काम॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (54)
जो अपने हृदय में गोकुल बसाए रखते हैं, जिनकी आँखों में भक्ति के आँसू छलकते हैं, और जिनके मुख पर सदा श्री वल्लभ (श्रीकृष्ण) नाम रहता है, ऐसे भक्त की समस्त मनोकामनाएं सहज ही पूर्ण हो जाती हैं।

