नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनि - देवी भागवत (9.50.46)

नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनि - देवी भागवत (9.50.46)

नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनि ।
रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्णप्राणाधिकप्रिये ॥

- देवी भागवत (9.50.46) [श्री राधा नमस्कार स्तोत्रम् (1)]

भगवान नारायण कहते हैं - हे परमेशानि! आप रासमण्डल में विराजमान रहती हो! आपको नमस्कार है! हे रासेश्वरी! भगवान श्रीकृष्ण को आप उनके प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं। आपको बारंबार प्रणाम है।