गृह बन में जित तित रहो गहो मानसी सेव - श्री सरस माधुरी

गृह बन में जित तित रहो गहो मानसी सेव - श्री सरस माधुरी

गृह बन में जित तित रहो, गहो मानसी सेव ।
सरसमाधुरी भाव सों, सहचरी बन सुख लेव ॥

- श्री सरस माधुरी

चाहे घर में वास करो अथवा वन में, सदा युगल सरकार श्री राधा-कृष्ण की मानसी सेवा में लीन रहो। श्री सरस माधुरी कहते हैं— “अपने हृदय में सुंदर भाव उत्पन्न करो, सहचरी स्वरूप धारण करो और निकुंज सेवा का परम आनंद प्राप्त करो।”