अस्तीह मथुरा नाम त्रीषु लोकेषु विश्रुता - सौर पुराण

अस्तीह मथुरा नाम त्रीषु लोकेषु विश्रुता - सौर पुराण

अस्तीह मथुरा नाम त्रीषु लोकेषु विश्रुता।
कृष्ण पादरजोमिश्र वालुका पूत वीथिका॥
स्पर्शेन रजसस्तस्या मुच्यते जन्मबन्धनात्‌॥
- सौर पुराण

तीनों लोकों में प्रसिद्ध 'मथुरा' नामक स्थान है जहाँ श्री कृष्ण चरणरज मिश्रित विथियाँ हैं। उस रज के स्पर्श से जीव जन्म-बन्धन से मुक्त हो जाता है।