यह जोरी अविचल रहो ये आशीष हमारी - श्री मलूक दास

यह जोरी अविचल रहो ये आशीष हमारी - श्री मलूक दास

यह जोरी अविचल रहो, ये आशीष हमारी।
दुल्हा श्रीपति साँवरो, दुलहिन राधा प्यारी॥
- श्री मलूक दास

दूल्हा साँवरे श्री कृष्ण एवं दुल्हन प्यारी श्री राधा की यह सुंदर जोड़ी सदैव नित्य बनी रहे, यही हमारा आशीर्वाद है।