गौरांगी गुणनिधि प्रिया, सकल कला की ख़ान ।
गरबीली गज गामिनी, विद्यागान निधान॥
- श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (10)
गौरवर्ण श्री राधा दिव्य गुणों की निधि एवं समस्त कलाओं की खान हैं। उनकी चाल गर्वित उन्मत्त हाथी के समान है एवं वे समस्त विद्या-गान की मूल स्रोतस्वरूपा हैं।
गरबीली गज गामिनी, विद्यागान निधान॥
- श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (10)
गौरवर्ण श्री राधा दिव्य गुणों की निधि एवं समस्त कलाओं की खान हैं। उनकी चाल गर्वित उन्मत्त हाथी के समान है एवं वे समस्त विद्या-गान की मूल स्रोतस्वरूपा हैं।

