श्री स्वामी हरिदास को धर्म सुमेर समान - श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (317)

श्री स्वामी हरिदास को धर्म सुमेर समान - श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (317)

श्री स्वामी हरिदास को, धर्म सुमेर समान ।
और धर्म सब डूंगरी, यही बात परमान ॥

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (317)

प्रिया-प्रियतम के एकान्तिक एवं अखंड नित्य विहार रस रूपी भक्ति-भाव का सतत पालन करने वाला स्वामी श्री हरिदास जी का सर्वोपरि प्रेम-धर्म, सुमेरु पर्वत के समान अत्यंत ऊँचा है। इसके समक्ष अन्य नाना धर्म तो मानो डूँगरी (छोटी पहाड़ी) के समान तुच्छ प्रतीत होते हैं।