प्रेम दिवाने जो भये जाति बरन गइ छूट  - श्री सहजो बाई

प्रेम दिवाने जो भये जाति बरन गइ छूट - श्री सहजो बाई

प्रेम दिवाने जो भये, जाति बरन गइ छूट।
सहजो जग बौरा कहै, लोग गये सब फूट॥

- श्री सहजो बाई

जो जीव प्रभु के प्रेम में उन्मत्त हो जाते हैं, उनके लिए जात-पांत, ऊँच-नीच का भेद मिट जाता है। सहजोबाई कहती हैं—संसार उन्हें बावरा कहता है, परंतु वे लोक और वेद की सीमाओं से परे हो जाते हैं।