जै जै जै नन्दजू के नन्दन - ब्रज के कवित्त

जै जै जै नन्दजू के नन्दन - ब्रज के कवित्त

(कवित्त)
जै जै जै नन्दजू के नन्दन नवललाल,
जै जै जै श्रीराधेजू भानु की दुलारी की । [1]
जै जै जसोदाजू के बारे ब्रजचन्दजू की,
जै जै हमारी प्यारी कीरति कुमारी की ॥ [2]
गोकुल जुबराज गोकुलेस-कुलसेखर की,
श्रीवन की रानी राधे बरसानेवारी की। [3]
गोपीजन वल्लभ गोविद श्रीश्यामाश्याम,
बोलो सब मिलि राधा बल्लभ बिहारी की॥ [4]

- ब्रज के कवित्त

नन्दजी के नंदनंदन, नवललाल श्रीकृष्ण की जय हो,
वृषभानु जी की दुलारी श्रीराधा की जय हो। [1]

यशोदा मैया के प्रिय पुत्र, ब्रज के चंद्रमा, श्रीकृष्ण की जय हो,
हमारी कीर्ति-कुमारी श्रीराधा प्यारी जू की जय हो। [2]

गोकुल के युवराज, गोकुल के ईश्वर, अपने वंश के शिरोमणि, श्री कृष्ण की जय हो,
श्रीवृंदावन की रानी, बरसाने वाली श्रीराधा की जय हो। [3]

गोपिजन वल्लभ गोविंद, श्री श्यामाश्याम की जय हो, आओ सब मिलकर राधा वल्लभ बिहारी की जय बोलें। [4]