कृपा-कृपा सबही कहैं, कृपा पात्र नहीं कोय।
कृपा पात्र सो जानिये, जो आज्ञावर्ती होय॥
- श्री लाड़लीदास
कृपा कृपा तो सब ही कहते हैं परन्तु कृपा-पात्र शिष्य कोई नहीं होता। कृपा पात्र केवल वही होता है जो अपने गुरुदेव का आज्ञावर्ती होता है।
कृपा पात्र सो जानिये, जो आज्ञावर्ती होय॥
- श्री लाड़लीदास
कृपा कृपा तो सब ही कहते हैं परन्तु कृपा-पात्र शिष्य कोई नहीं होता। कृपा पात्र केवल वही होता है जो अपने गुरुदेव का आज्ञावर्ती होता है।

