महाराजा वृषभानु कौ, बरसानौं सुखसार।
अर्ब ख़र्ब वैकुंठ छवि, तापरि डारौं वार ॥
- ब्रज के दोहे
महाराज वृषभानु जी का बरसाना, जहाँ श्री राधारानी सदा वास करती हैं, समस्त सुखों का सार है, जिस पर अरबों-खरबों वैकुंठ धाम भी न्योछावर किए जा सकते हैं।
अर्ब ख़र्ब वैकुंठ छवि, तापरि डारौं वार ॥
- ब्रज के दोहे
महाराज वृषभानु जी का बरसाना, जहाँ श्री राधारानी सदा वास करती हैं, समस्त सुखों का सार है, जिस पर अरबों-खरबों वैकुंठ धाम भी न्योछावर किए जा सकते हैं।

