बरसाना स्थित कीर्ति माता तपःस्थली एक अत्यंत पावन और दिव्य स्थल है, जहाँ ऐसी मान्यता है कि महारानी कीर्ति ने श्रीराधा की प्राप्ति हेतु कठोर तप किया था।
यह सम्पूर्ण क्षेत्र पाडर वन में स्थित है, जहाँ श्री राधारानी अपनी अष्टसखियों सहित नित्य विहार के लिए पधारती हैं। यहाँ पाडर (कमल) के पुष्प अत्यंत मात्रा में होते हैं, जिनका चयन श्री राधा स्वयं अपनी सखियों के साथ करती थीं। इन्हीं पुष्पों की अधिकता के कारण इस स्थान का नाम पाडर वन पड़ा, जो ब्रज के 24 प्रमुख वनों में से एक है।
यहाँ सांझी उत्सव की विशिष्ट परंपरा है, जिसमें श्री राधारानी स्वयं पुष्पों से रंगोली सजाकर सांझी बनाती थीं और उसी रूप में श्रीकृष्ण की आराधना करती थीं। एक बार श्रीकृष्ण पंडित का रूप धारण कर यहाँ पधारे, तब श्री राधा ने स्वयं उन्हें सांझी बनाकर पूजा अर्पित की।
मंदिर से सटे क्षेत्र को खेलन वन कहा जाता है, क्योंकि यहाँ श्री राधारानी अपनी अष्टसखियों तथा श्रीकृष्ण अपने अष्टसखाओं के साथ खेलते हैं। इसी कारण इसे खेलन वन कहा गया है। इस वन में आज भी एक झूला स्थित है, जहाँ श्री राधा और श्रीकृष्ण संग झूलन करते हैं।
इस तपस्थली के समीप एक सुंदर कुंड स्थित है, जिसके सम्मुख माता कीर्ति का एक मंदिर है। यहाँ वे श्रीराधा को गोद में लिए हुए विराजमान हैं। उसी क्षेत्र में एक प्राचीन शिव मंदिर भी स्थित है तथा पास ही हनुमान जी का मंदिर भी है। वहाँ के सेवकों के अनुसार आज भी रात्रि के समय पायलों की रुनझुन और बांसुरी की मधुर ध्वनि सुनाई देती है।
यह सम्पूर्ण स्थान घने और मोहक वृक्षों से आच्छादित है। ऐसी मान्यता है कि ये वृक्ष राधा-कृष्ण युग के हैं और एक-दूसरे से इस प्रकार आलिंगनबद्ध हैं जैसे स्वयं श्यामा-श्याम हों। वहीं एक गुफा भी स्थित है जहाँ बाल स्वरूप श्रीराधा के खिलौने सुरक्षित हैं। भक्तगण वहाँ पहुँचकर बालिका श्रीराधा को बड़े चाव से लाड़ लड़ाते हैं।
इस स्थल का वातावरण अत्यंत शांत, सौम्य और सुरम्य है। यहाँ विविध रंगों के पक्षी और नाचते हुए मोर ब्रज की रसभरी छटा को और भी मनोहारी बना देते हैं। तपस्थली के मध्य भाग में रास स्थली स्थित है, जहाँ रात्रि में आज भी श्री श्यामाश्याम की रास लीला की दिव्य अनुभूति होती है।
पाडर वन के भीतर कमल कुंड नामक एक सुंदर जलस्रोत है, जिसमें खिले कमल पुष्प श्री राधारानी की सेवा में अर्पित किए जाते हैं। प्राचीन काल में इस स्थान को पावड़ी कहा जाता था, जिससे इसका नाम पाडर वन पड़ा।
स्थान :
कीर्ति माता तपः स्थली बरसाना के पाडर वन में खेलन वन के निकट स्थित है।
यह सम्पूर्ण क्षेत्र पाडर वन में स्थित है, जहाँ श्री राधारानी अपनी अष्टसखियों सहित नित्य विहार के लिए पधारती हैं। यहाँ पाडर (कमल) के पुष्प अत्यंत मात्रा में होते हैं, जिनका चयन श्री राधा स्वयं अपनी सखियों के साथ करती थीं। इन्हीं पुष्पों की अधिकता के कारण इस स्थान का नाम पाडर वन पड़ा, जो ब्रज के 24 प्रमुख वनों में से एक है।
यहाँ सांझी उत्सव की विशिष्ट परंपरा है, जिसमें श्री राधारानी स्वयं पुष्पों से रंगोली सजाकर सांझी बनाती थीं और उसी रूप में श्रीकृष्ण की आराधना करती थीं। एक बार श्रीकृष्ण पंडित का रूप धारण कर यहाँ पधारे, तब श्री राधा ने स्वयं उन्हें सांझी बनाकर पूजा अर्पित की।
मंदिर से सटे क्षेत्र को खेलन वन कहा जाता है, क्योंकि यहाँ श्री राधारानी अपनी अष्टसखियों तथा श्रीकृष्ण अपने अष्टसखाओं के साथ खेलते हैं। इसी कारण इसे खेलन वन कहा गया है। इस वन में आज भी एक झूला स्थित है, जहाँ श्री राधा और श्रीकृष्ण संग झूलन करते हैं।
इस तपस्थली के समीप एक सुंदर कुंड स्थित है, जिसके सम्मुख माता कीर्ति का एक मंदिर है। यहाँ वे श्रीराधा को गोद में लिए हुए विराजमान हैं। उसी क्षेत्र में एक प्राचीन शिव मंदिर भी स्थित है तथा पास ही हनुमान जी का मंदिर भी है। वहाँ के सेवकों के अनुसार आज भी रात्रि के समय पायलों की रुनझुन और बांसुरी की मधुर ध्वनि सुनाई देती है।
यह सम्पूर्ण स्थान घने और मोहक वृक्षों से आच्छादित है। ऐसी मान्यता है कि ये वृक्ष राधा-कृष्ण युग के हैं और एक-दूसरे से इस प्रकार आलिंगनबद्ध हैं जैसे स्वयं श्यामा-श्याम हों। वहीं एक गुफा भी स्थित है जहाँ बाल स्वरूप श्रीराधा के खिलौने सुरक्षित हैं। भक्तगण वहाँ पहुँचकर बालिका श्रीराधा को बड़े चाव से लाड़ लड़ाते हैं।
इस स्थल का वातावरण अत्यंत शांत, सौम्य और सुरम्य है। यहाँ विविध रंगों के पक्षी और नाचते हुए मोर ब्रज की रसभरी छटा को और भी मनोहारी बना देते हैं। तपस्थली के मध्य भाग में रास स्थली स्थित है, जहाँ रात्रि में आज भी श्री श्यामाश्याम की रास लीला की दिव्य अनुभूति होती है।
पाडर वन के भीतर कमल कुंड नामक एक सुंदर जलस्रोत है, जिसमें खिले कमल पुष्प श्री राधारानी की सेवा में अर्पित किए जाते हैं। प्राचीन काल में इस स्थान को पावड़ी कहा जाता था, जिससे इसका नाम पाडर वन पड़ा।
स्थान :
कीर्ति माता तपः स्थली बरसाना के पाडर वन में खेलन वन के निकट स्थित है।

