निज सुभाय छोडत नहीं, कर देखौ हिय गौर।
अधम-उधारन नाम तुव, हौं अधमन-सिरमौर॥
- ब्रज के दोहे
कोई भी व्यक्ति अपना स्वभाव नहीं छोड़ता है। हे श्री कृष्ण! आप इस बात को अपने हृदय में विचार कर देख लीजिए। यदि आपका नाम अधम उधारन अर्थात् पापियों का उद्धार करने वाला है, तो मैं भी पापियों का शिरोमणि हूँ। इसलिए मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप अपने स्वभाववश मुझ पापी का अवश्य ही उद्धार करेंगे।

