यथा भागवतं श्रेष्ठं - श्री नारायण भट्ट जी, ब्रज भक्ति विलास (1.92)

यथा भागवतं श्रेष्ठं - श्री नारायण भट्ट जी, ब्रज भक्ति विलास (1.92)

यथा भागवतं श्रेष्ठं, शास्त्रे कृष्ण कलेवरम्।
तथैव पृथ्वी लोके, सबनं ब्रज मण्डलः॥

- श्री नारायण भट्ट जी, व्रज भक्ति विलास (1.92)

जिस प्रकार सर्व शास्त्रों में श्रेष्ठ श्रीमद्भागवतजी साक्षात् श्रीकृष्ण-कलेवर ही हैं अर्थात् श्रीकृष्ण स्वरूप ही हैं, उसी प्रकार पृथ्वी लोक में, समस्त ब्रजमण्डल भी साक्षात भगवत् स्वरूप ही है।