रवनि रसायनि परिहरि साह न मानत कौन - श्री लाल स्वामी

रवनि रसायनि परिहरि साह न मानत कौन - श्री लाल स्वामी

रवनि रसायनि परिहरि, साह न मानत कौन।
आसू के हरिदास की, लगै लाल पग पौन॥
- श्री लाल स्वामी 

स्वामी श्री हरिदास जी ऐसे अनन्य रसिक थे जिन्होंने सहज भाव से संसार के समस्त भोग-विलास को त्याग दिया और श्यामा कुंजबिहारी के अतिरिक्त किसी अन्य की प्रभुता को स्वीकार नहीं किया। उनका प्रत्येक भाव, उनके प्राण और सर्वस्व श्यामा कुंजबिहारी के चरणों में पूर्णतः अर्पित थे।