हित मय श्रीवृन्दाविपिन हित मय श्यामा श्याम - श्री मगल अलि

हित मय श्रीवृन्दाविपिन हित मय श्यामा श्याम - श्री मगल अलि

हित मय श्रीवृन्दाविपिन, हित मय श्यामा श्याम।
हित मय श्री ललितादि सखि, हित मय कुंज सुठाम॥
- श्री मगल अलि

श्री वृन्दावन धाम सम्पूर्ण रूप से हितमय (प्रेम से ओतप्रोत) है। श्यामा-श्याम एवं उनकी लीलाएँ भी हितमय हैं। ललिता आदि सखियाँ भी प्रेम से परिपूर्ण हैं, और सुंदर कुंज-निकुंजें भी उसी प्रेम से सराबोर हैं।