रसिक रसीली रंग भरी, रमनी कमनी नारि ।
रस सलिता रस रूपिनी, रस क्रीड़ा की सारि ॥
- श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (14)
रसीली श्री राधा रंग-रूप से परिपूर्ण, रसिकों को सुख प्रदान करने वाली परम सुंदर और रमणीय स्त्री हैं। वे प्रेमरस की बहती धारा हैं, स्वयं रस का रूप हैं। वे प्रेम क्रीड़ा की सारभूत और चरम अभिव्यक्ति हैं।
रस सलिता रस रूपिनी, रस क्रीड़ा की सारि ॥
- श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (14)
रसीली श्री राधा रंग-रूप से परिपूर्ण, रसिकों को सुख प्रदान करने वाली परम सुंदर और रमणीय स्त्री हैं। वे प्रेमरस की बहती धारा हैं, स्वयं रस का रूप हैं। वे प्रेम क्रीड़ा की सारभूत और चरम अभिव्यक्ति हैं।

