श्वेतोत्पल दल सम सुखद विभ्रद मणि मय वास - ब्रज के दोहे

श्वेतोत्पल दल सम सुखद विभ्रद मणि मय वास - ब्रज के दोहे

श्वेतोत्पल दल सम सुखद, विभ्रद मणि मय वास ।
कोटि कोटि शत दंडवत, राधा पद प्रति श्वास ॥

- ब्रज के दोहे

श्री राधा के चरण श्वेत कमल की पंखुड़ियों के समान सुखद हैं एवं रत्नों से विभूषित शोभायमान हैं । मैं अपनी प्रत्येक श्वास से करोड़ों करोड़ बार उनके चरणों में साष्टांग प्रणाम करता हूँ।