संकर्षण-प्रिय-अनुज की, प्रिया प्राण आधार।
वरद पाद अम्भोज पर, रहौं सतत बलिहार॥
- ब्रज के दोहे
संकर्षण (बलराम) के प्रिय छोटे भाई श्रीकृष्ण की प्रिया (श्रीराधा) ही मेरे प्राणों की आधार हैं। मैं उनके वर देने वाले (कृपा रूप) श्री चरणकमलों पर सदा बलिहारी जाता रहूँ ।
वरद पाद अम्भोज पर, रहौं सतत बलिहार॥
- ब्रज के दोहे
संकर्षण (बलराम) के प्रिय छोटे भाई श्रीकृष्ण की प्रिया (श्रीराधा) ही मेरे प्राणों की आधार हैं। मैं उनके वर देने वाले (कृपा रूप) श्री चरणकमलों पर सदा बलिहारी जाता रहूँ ।

