करुणा सब दुख चूरणा - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, उत्साह सुख (117)

करुणा सब दुख चूरणा - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, उत्साह सुख (117)

करुणा सब दुख चूरणा, मम सरणा सुकुंवारि ।
श्रीराधे प्राणाधिके, जयति कृष्ण सुखकारि ॥

- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, उत्साह सुख (117)

सर्व दुःखों का नाश करने वाली, श्रीकृष्ण के लिए परम सुखदायिनी, शरणागत-पालिका प्राणप्यारी, सुकुमारी श्री राधा किशोरी की सदा ही जय हो।