वृन्दावने स्थिरचरात्मक कीट-दुर्वा-पर्यन्त जन्तु निचयेबतएतदानीम्।
नैवालभामहिजनिमहतकास्तएते, पापा पदं तब कदा पुनराश्रयाम:॥
- श्री कूरेश स्वामी
वृन्दावन में, स्थिर और चर जीवों में, कीट से लेकर दूर्वा घास तक में हमारा जन्म न हो पाया । हाय! हम कितने पापी हैं! हे प्रभु, अब हम फिर कब आपके परम पावन धाम का आश्रय प्राप्त करेंगे?
नैवालभामहिजनिमहतकास्तएते, पापा पदं तब कदा पुनराश्रयाम:॥
- श्री कूरेश स्वामी
वृन्दावन में, स्थिर और चर जीवों में, कीट से लेकर दूर्वा घास तक में हमारा जन्म न हो पाया । हाय! हम कितने पापी हैं! हे प्रभु, अब हम फिर कब आपके परम पावन धाम का आश्रय प्राप्त करेंगे?

