पवित्रा शोभित पाट पुनीत - श्री हित किशोरी लाल

पवित्रा शोभित पाट पुनीत - श्री हित किशोरी लाल

पवित्रा शोभित पाट पुनीत।
प्यारी उर लसै अरुन सोसनी, मोहन उर लसै पीत॥ [1]
सहचरि बीन मृदंग बजावत, गावत मंगल गीत।
जय श्री किशोरीलाल हित रूप हिंडोरे, झूलत बढ़त समीत॥ [2]
- श्री हित किशोरी लाल

शुद्ध रेशम का बना हुआ पवित्रा श्री श्यामाश्याम के गले में सुशोभित है। प्रिया के हृदय पर लाल और सोसनी (लाल रंग मिले हुये नीले रंग का) रंगों का पवित्रा धारण किया हुआ है और मोहन के वक्ष स्थल पर पीला पवित्रा धारण हैं। [1]

सहचरियाँ वीणा और मृदंग बजा कर मंगल गान कर रही हैं। श्री किशोरी लाल जी कहते हैं कि प्रेम स्वरूप युगल श्यामाश्याम हिंडोले में झूल रहे हैं और उनके परस्पर प्रेम में वृद्धि हो रही है। [2]