धन्य धन्य वृन्दावनी - श्री प्रिया सखी (श्री ब्रह्म गोपाल गोस्वामी), श्री हरि लीला (55)

धन्य धन्य वृन्दावनी - श्री प्रिया सखी (श्री ब्रह्म गोपाल गोस्वामी), श्री हरि लीला (55)

धन्य धन्य वृन्दावनी, लता ललित विस्तार ।
धन्य राधिका माधवी, मूरति धन्य विहार ॥

- श्री प्रिया सखी (श्री ब्रह्म गोपाल गोस्वामी), श्री हरि लीला (55)

धन्य है यह वृन्दावन, जिसकी सुंदर लताएँ अनुपम शोभा बिखेर रही हैं। धन्य है युगल सरकार श्रीराधिका-माधव और उनके इस पावन कुंजों में होने वाले प्रेममय विहार।