आज बरसाने मंगल गाई - श्री बनी ठनी जी

आज बरसाने मंगल गाई - श्री बनी ठनी जी

आज बरसाने मंगल गाई।
कुँवर लली को जन्म भयो है, घर घर बजत बधाई॥ [1]
मोतिन चौक पुरावो गावो, देहु असीस सुहाई।
रसिक बिहारी की यह जीवनि, प्रगट भई सुखदाई॥ [2]

- श्री बनी ठनी जी

आज बरसाने में मंगल-गान हो रहा है। लाडली श्री राधा का प्राकट्य हुआ है, और हर घर में बधाइयाँ गूंज रही हैं। [1]

मोतियों से आँगन को सुंदरता से सजाया गया है, सब लोग गीत गाकर शुभकामनाएँ दे रहे हैं। श्री बनी ठनी जी कहती हैं कि श्री राधा, जो रसिकों और श्री कृष्ण की प्राणप्रिय जीवनधन हैं, उनका प्राकट्य सभी के लिए अत्यंत सुखदायी है। [2]