मक्का मदीना द्वारिका, बदरी और केदार।
बिना दया सब झूठ हैं, कहै मलूक बिचार॥
- श्री मलूक दास
चाहे कोई मक्का, मदीना, द्वारिका, बदरीनाथ, केदारनाथ आदि तीर्थों की यात्रा किया करे, परंतु यदि उसके भीतर दया नहीं है, तो ये सारी यात्राएँ निरर्थक हैं।
बिना दया सब झूठ हैं, कहै मलूक बिचार॥
- श्री मलूक दास
चाहे कोई मक्का, मदीना, द्वारिका, बदरीनाथ, केदारनाथ आदि तीर्थों की यात्रा किया करे, परंतु यदि उसके भीतर दया नहीं है, तो ये सारी यात्राएँ निरर्थक हैं।

