(राग धनाश्री)
राखि दृढ़ भरोसो तोको पोषैगी जय श्रीराधा ॥ टेक ॥ [1]
श्यामविहारी आज्ञाकारी, तन मन की सब मैटे बाधा ।
सुन्दर श्यामा श्याम मनोहर, प्रणतन के पोषण सुख साधा ॥ [2]
दया उदधि करुणा के सागर, कृपासिन्धु सदगुणन अगाधा ।
अली माधुरी के सर्वस धन, दम्पति सर्वोपरि आराधा ॥ [3]
- श्री अली माधुरी जी, श्री निकुञ्ज केली माधुरी, विनयावली (161)
श्रीराधा पर अटूट विश्वास रख, ऐसा निश्चित मान कि स्वयं साक्षात् श्रीराधा ही तेरा पालन-पोषण करेंगी। [1]
स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी उनकी आज्ञा में रहकर संचालित होते हैं। श्रीराधा तन-मन की समस्त बाधाओं को हरने वाली हैं। श्यामा-श्याम की यह अनुपम जोड़ी अपने शरणागतों को सुख और संरक्षण प्रदान करती है। [2]
श्रीराधा करुणा की अथाह सागर हैं, कृपा की अविरल धारा हैं, और अनगिनत दिव्य गुणों से परिपूर्ण हैं। श्री अली माधुरी जी कहते हैं कि मेरे जीवन का सम्पूर्ण धन यह युगल दम्पति है, जिनकी मैं सदा आराधना करता हूँ। [3]
राखि दृढ़ भरोसो तोको पोषैगी जय श्रीराधा ॥ टेक ॥ [1]
श्यामविहारी आज्ञाकारी, तन मन की सब मैटे बाधा ।
सुन्दर श्यामा श्याम मनोहर, प्रणतन के पोषण सुख साधा ॥ [2]
दया उदधि करुणा के सागर, कृपासिन्धु सदगुणन अगाधा ।
अली माधुरी के सर्वस धन, दम्पति सर्वोपरि आराधा ॥ [3]
- श्री अली माधुरी जी, श्री निकुञ्ज केली माधुरी, विनयावली (161)
श्रीराधा पर अटूट विश्वास रख, ऐसा निश्चित मान कि स्वयं साक्षात् श्रीराधा ही तेरा पालन-पोषण करेंगी। [1]
स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी उनकी आज्ञा में रहकर संचालित होते हैं। श्रीराधा तन-मन की समस्त बाधाओं को हरने वाली हैं। श्यामा-श्याम की यह अनुपम जोड़ी अपने शरणागतों को सुख और संरक्षण प्रदान करती है। [2]
श्रीराधा करुणा की अथाह सागर हैं, कृपा की अविरल धारा हैं, और अनगिनत दिव्य गुणों से परिपूर्ण हैं। श्री अली माधुरी जी कहते हैं कि मेरे जीवन का सम्पूर्ण धन यह युगल दम्पति है, जिनकी मैं सदा आराधना करता हूँ। [3]

