जग में मिलन अनूप है, भगवदियन को संग।
तिनके संग प्रताप तें, होत श्याम सो रंग ॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (26)
इस संसार में सबसे अनुपम मिलन भगवत्प्रेमियों का संग है क्योंकि उनके संग के प्रभाव से मन सहजता से श्री कृष्ण के प्रेम-रंग में सराबोर हो जाता है।
तिनके संग प्रताप तें, होत श्याम सो रंग ॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (26)
इस संसार में सबसे अनुपम मिलन भगवत्प्रेमियों का संग है क्योंकि उनके संग के प्रभाव से मन सहजता से श्री कृष्ण के प्रेम-रंग में सराबोर हो जाता है।

